अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
बिंदुखत्ता में राजस्व ग्राम की मांग को मिला महिलाओं का जोरदार साथ, सातवें दिन सैकड़ों ग्रामीणों ने निकाली पदयात्रा
बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का संघर्ष लगातार जारी है। घर-घर जनसंपर्क अभियान के तहत चल रही पदयात्रा के सातवें दिन शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आंदोलन को नई ऊर्जा दे दी। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में पदयात्रा में शामिल होकर बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग बुलंद की।
सातवें दिन की पदयात्रा सरस्वती माता मंदिर, प्राइमरी पाठशाला काररोड़ से शुरू हुई। पदयात्रा मुख्य बाजार, बोरा लाइन, बोरिंग पट्टा और राजीवनगर होते हुए प्राचीन शिव मंदिर, राजीवनगर काररोड़ पहुंची, जहां आज की पदयात्रा का विराम किया गया।
पदयात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों ने अभियान का स्वागत करते हुए अपना समर्थन दिया। ग्रामीणों ने “बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाना होगा, बनाना होगा”, “हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते”, “बिंदुखत्ता मांगे राजस्व ग्राम” जैसे नारों और जनगीतों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की। साथ ही वनाधिकार अधिनियम और राजस्व ग्राम से जुड़े अधिकारों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
पदयात्रा में महिलाओं की लगातार बढ़ती भागीदारी आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिंदुखत्ता की जनता अब अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह जागरूक और एकजुट है तथा शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से राजस्व ग्राम के दर्जे की मांग को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सातवें दिन उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि बिंदुखत्ता की राजस्व ग्राम की आवाज अब घर-घर पहुंच रही है और आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है।
पदयात्रा में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, पदयात्रा संयोजक भरत नेगी, सचिव एडवोकेट बलवंत बिष्ट, नंदन बोरा, कविराज धामी, दीपक नेगी, दीपक रौतेला, भूपेश जोशी, कुंवर सिंह पवार, दीपक पाठक, प्रकाश उत्तराखंडी, नंदन जग्गी, गोपाल नेगी, ममता बिष्ट, मोहिनी मेहता, संध्या डालाकोटी, चेतना गुरुरानी, माधवी भट्ट, मीना नेगी, रेवती भट्ट, इंदु बोरा, नंदी बिष्ट, आनंदी बोरा, दमयंती कार्की, जेसी उप्रेती, देवराज दानू, फकीर सिंह, मुन्ना बोरा, सोबन सिंह बोरा, विनोद गुरुरानी, हरीश रौतेला, मनोज बसनायत, पुष्कर दानू, एडवोकेट किशन पांडे, मोहन बिसौती, पूरन बिष्ट, सागर बोरा, पूरन सिंह गड़िया, रोहित तिवारी, पंकज जोशी, कुंवर सिंह गुसाईं, मनोज रावत, बिशन दत्त तिवारी, पूरन बोरा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

