अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 नैनीताल 👉
स्वाइन फ्लू का बढ़ता कहर: एसटीएच में 65 वर्षीय महिला की मौत, नैनीताल जिले में मृतकों की संख्या चार
हल्द्वानी। नैनीताल जनपद में स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार चिंता बढ़ा रहा है। डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय (एसटीएच) में भर्ती बागेश्वर निवासी 65 वर्षीय महिला की सोमवार सुबह मौत हो गई। महिला गंभीर हालत में दो सितंबर को एसटीएच रेफर होकर पहुंची थी और तभी से आईसीयू में उपचाराधीन थी। महिला कैंसर से भी पीड़ित बताई गई है।
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत के अनुसार, इस मौत के साथ नैनीताल जिले में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या चार हो गई है। एसटीएच में इससे पहले गंभीर बीमारी से पीड़ित नैनीताल निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग समेत दो मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं काशीपुर निवासी 70 वर्षीय महिला में फ्लू के लक्षण मिलने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक डॉक्टर को भी एहतियातन होम आइसोलेशन में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। संक्रमण खांसी और छींक की बूंदों के साथ-साथ दूषित सतहों के संपर्क से फैल सकता है।
तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान इसके प्रमुख लक्षण हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को नियमित रूप से हाथ साफ करने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करने और पर्याप्त आराम लेने की सलाह दी है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार उल्टी या बेहोशी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की गई है।
जल जनित संक्रमण को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
सीएमओ ने बताया कि ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में जल जनित संक्रमण की स्थिति को देखते हुए सभी चिकित्सा इकाइयों में तैनात डॉक्टरों और स्टाफ को अवकाश के दौरान भी ऑन-कॉल रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू और जल जनित संक्रमण दोनों पर नजर बनाए हुए है।

