अमूल” के नाम पर खेल या गुणवत्ता से खिलवाड़? शिकायतों के बाद भी कार्रवाई ठंडी, अब जांच की उठी मांग देखें वीडियो

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 “अमूल” के नाम पर खेल या गुणवत्ता से खिलवाड़? शिकायतों के बाद भी कार्रवाई ठंडी, अब जांच की उठी मांग
लालकुआं। लालकुआं एवं आसपास के क्षेत्रों में “अमूल” ब्रांड के नाम पर बेचे जा रहे डेयरी उत्पादों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बाजार में बिक रहे कई उत्पादों की गुणवत्ता संदिग्ध है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है।
इसी क्रम में शिकायतकर्ता एवं उत्तराखंड जागरण के संपादक अजय अनेजा द्वारा लालकुआं स्थित “Amul Ice Cream – Dinesh Kumar Agarwal” नाम से एसंचालित दुकान सहित क्षेत्र में बिक रहे उत्पादों को लेकर संबंधित विभागों से शिकायत की गई। आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक न तो किसी प्रकार की सैंपलिंग की गई और न ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई।
सूत्रों के अनुसार, लालकुआं क्षेत्र में अमूल ब्रांड के नाम पर बिक रहे कुछ डेयरी उत्पादों को लेकर उपभोक्ताओं ने कई बार स्वाद, गुणवत्ता और पैकिंग को लेकर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ हो सकता है।
शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा यह कहा गया कि चाहे किसी भी कंपनी का ब्रांड हो, यदि जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकान स्वामी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, नियम सभी के लिए समान हैं।


क्षेत्रवासियों का कहना है कि लालकुआं, हल्दूचौड़ और आसपास के बाजारों में बिक रहे डेयरी उत्पादों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से मांग की है कि बाजार में बिक रहे दूध, घी, पनीर, आइसक्रीम और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल तत्काल लेकर जांच कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
वहीं, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर लगातार शिकायतों के बावजूद खाद्य एवं पूर्ति विभाग कार्रवाई करने में देरी क्यों कर रहा है? क्या विभाग किसी बड़े दबाव में काम कर रहा है, या फिर शिकायतों को केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रखा जा रहा है?

 

वही फोन द्वारा उत्तराखंड जागरण के सपादक
अजय अनेजा। ने जब फूड इस्पेक्टर  से शिकायत की तो उन्होंने कहा जल्द ही जांच की जाएगी और दूसरी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। 

अब देखना यह होगा कि प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग इस मामले में कब तक ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर शिकायतें यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएंगी।

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