अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत सख्त, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के 420 लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश
नैनीताल, हल्द्वानी 7 जून। कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लंबित वादों के प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण को लेकर मंडल के सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्रवर्तन कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया है।
आयुक्त दीपक रावत द्वारा नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, ऊधमसिंहनगर, चम्पावत और बागेश्वर जनपदों के जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत दर्ज और निस्तारित वादों की समीक्षा की गई है।
समीक्षा में सामने आया कि कुमाऊँ मंडल में कुल 523 वाद दर्ज किए गए, जिनमें से अब तक मात्र 103 मामलों का निस्तारण हो पाया है, जबकि 420 वाद अभी भी लंबित हैं। आंकड़ों के अनुसार नैनीताल में 374 मामलों के सापेक्ष 49, अल्मोड़ा में 31 के सापेक्ष 8, पिथौरागढ़ में 9 के सापेक्ष 8, ऊधमसिंहनगर में 80 के सापेक्ष 15, चम्पावत में 14 के सापेक्ष 12 तथा बागेश्वर में 15 के सापेक्ष 11 मामलों का निस्तारण किया गया है।
आयुक्त ने अपने निर्देशों में कहा कि कुछ जनपदों में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत नए मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम दर्ज होना चिंता का विषय है। इससे स्पष्ट होता है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रवर्तन गतिविधियों को और अधिक सक्रिय किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर सघन जांच एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
दीपक रावत ने लंबित वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने तथा प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में निस्तारित मामलों की रिपोर्ट के साथ अधिनियम के अंतर्गत लंबित तीन सबसे पुराने मामलों का विवरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण और आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही एवं सक्रियता के साथ कार्य करना होगा।
