अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 आईजी रिद्धिम अग्रवाल का पिथौरागढ़ में सख्त निरीक्षण: परेड से लेकर ‘ऑपरेशन प्रहार’ तक पुलिसिंग पर कसा शिकंजा
पिथौरागढ़ | कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने जनपद पिथौरागढ़ का व्यापक एवं बहुआयामी वार्षिक निरीक्षण करते हुए पुलिस व्यवस्था, अनुशासन, अपराध नियंत्रण और जनसंपर्क को लेकर सख्त रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परेड, निर्माण कार्यों, पुलिस लाइन व्यवस्थाओं से लेकर अपराध समीक्षा और “ऑपरेशन प्रहार” अभियान तक हर पहलू की गहन पड़ताल की।

सबसे पहले पुलिस लाइन पिथौरागढ़ में आयोजित परेड का निरीक्षण करते हुए आईजी ने जवानों के अनुशासन, टर्नआउट, ड्रिल और समन्वय का बारीकी से मूल्यांकन किया। उन्होंने परेड की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों की सराहना भी की।
इसके बाद पुलिस लाइन परिसर का विस्तृत भ्रमण करते हुए बैरक, मैस, शस्त्रागार, परिवहन शाखा, स्टोर और आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साफ-सफाई, संसाधनों के बेहतर उपयोग और कार्मिकों की सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
सैनिक सम्मेलन के दौरान आईजी ने पुलिस कर्मियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मियों का मनोबल बढ़ाते हुए कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जनसंवाद कार्यक्रम के तहत आम जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया और शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। आईजी ने पुलिस-जनता के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
अपराध गोष्ठी के दौरान समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की विस्तृत समीक्षा की गई। लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के समाधान, ई-साक्ष्य और अन्य पोर्टलों पर डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
महिला अपराधों की विवेचना 60 दिन में पूर्ण करने, एनडीपीएस मामलों में बड़े तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और संपत्ति जब्ती तेज करने, गुमशुदा बच्चों की 100% बरामदगी सुनिश्चित करने तथा अज्ञात शवों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
“ऑपरेशन प्रहार” अभियान की समीक्षा करते हुए आईजी ने इसे और अधिक प्रभावी, लक्षित और परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। साथ ही थाना स्तर पर पुलिसिंग मजबूत करने, बीट प्रणाली सुदृढ़ करने और स्थानीय खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने पर बल दिया।
निरीक्षण के समापन पर आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोड़े सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।







