किच्छा में 12 एकड़ की करोड़ों की जमीन पर ‘महाभारत’! प्रियंका गांधी की जेठानी सायरा वाड्रा के समर्थन में धरने पर बैठे विधायक तिलक राज बेहड़, हाईवे पर घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 रुद्रपुर 👉 किच्छा 👉
किच्छा में 12 एकड़ की करोड़ों की जमीन पर ‘महाभारत’! प्रियंका गांधी की जेठानी सायरा वाड्रा के समर्थन में धरने पर बैठे विधायक तिलक राज बेहड़, हाईवे पर घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा

स्टे ऑर्डर के बावजूद कब्जे के प्रयास का आरोप, दूसरे पक्ष ने भी ठोका मालिकाना हक; तीन थानों की पुलिस तैनात, मामला अब दिल्ली की सियासत तक पहुंचा
किच्छा। ऊधम सिंह नगर के किच्छा कोतवाली क्षेत्र के पिपलिया गांव में नेशनल हाईवे किनारे स्थित खान फार्म की करीब 4 हेक्टेयर (लगभग 12 एकड़) करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को लेकर शनिवार को जबरदस्त बवाल खड़ा हो गया। संपत्ति पर स्वामित्व और कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। हालात ऐसे बने कि कानून-व्यवस्था संभालने के लिए तीन थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर तैनात करना पड़ा।


मामले ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं सांसद प्रियंका गांधी की जेठानी बताई जा रहीं सायरा वाड्रा के समर्थन में किच्छा विधायक और पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया। देर रात तक धरना, नारेबाजी और प्रशासन के साथ वार्ता का दौर चलता रहा।
सायरा वाड्रा का दावा है कि उनकी बुआ स्वर्गीय कुलसुम खान ने अपनी पुश्तैनी संपत्ति उनके नाम विधिवत पंजीकृत वसीयत के जरिए छोड़ी थी। उनका कहना है कि इस भूमि को लेकर न्यायालय का स्थगन (स्टे) आदेश भी प्रभावी है, इसके बावजूद दूसरे पक्ष द्वारा कथित रूप से जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत के आदेश की अनदेखी कर कानून का उल्लंघन किया गया है।
वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से नसरीन सांगा ने दावा किया है कि उनका कुलसुम खान से रक्त संबंध है और इसी आधार पर संपत्ति पर उनका वैधानिक अधिकार बनता है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज होने की बात कह रहे हैं।
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक तिलक राज बेहड़ ने आरोप लगाया कि प्रशासन की मौजूदगी में बाहरी लोगों के जरिए कथित कब्जा कराया गया। उन्होंने मांग की कि फार्म हाउस से कथित कब्जाधारियों को तत्काल हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।


स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब विधायक अपने समर्थकों के साथ फार्म हाउस परिसर में प्रवेश करने लगे। मुख्य द्वार पर तैनात पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिससे पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हालात नियंत्रित कर लिए गए और कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम गौरव पांडे, किच्छा कोतवाल भूपेंद्र सिंह धौनी, पुलभट्टा और सितारगंज थाना पुलिस सहित भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। तीन थाना क्षेत्रों की संयुक्त पुलिस टीम देर रात तक पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रही।
प्रशासन का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और जांच जारी है।
इस बीच यह विवाद स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच गया है। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सांसद प्रियंका गांधी को लेकर सवाल उठाए गए, जिसके बाद किच्छा की यह जमीन अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है।

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