पापा विधायक हैं…” का नहीं चला रौब, चमोली पुलिस ने उतारी हेकड़ी; बोल बेटा यह उत्तराखंड है बोर्ड हटवाया, काली फिल्म साफ कर चालान थमाया

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 “पापा विधायक हैं…” का नहीं चला रौब, चमोली पुलिस ने उतारी हेकड़ी; बोर्ड हटवाया, काली फिल्म साफ कर चालान थमाया
चमोली। चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात नियमों का उल्लंघन कर विधायक पिता का रसूख दिखाने की कोशिश एक युवक को भारी पड़ गई। चमोली पुलिस ने नियमों के आगे किसी भी प्रकार की वीआईपी संस्कृति को तवज्जो न देते हुए विधायक लिखी नेम प्लेट हटवाई, वाहन के शीशों पर चढ़ी काली फिल्म उतरवाई और मौके पर चालान काटकर युवक के हाथ में थमा दिया।
चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए चमोली पुलिस द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यातायात निरीक्षक योगेश सक्सेना के नेतृत्व में की जा रही चेकिंग के दौरान गुजरात नंबर की एक लग्जरी कार को रोका गया।
जांच में पाया गया कि वाहन के आगे विधायक का बोर्ड लगा हुआ था, जबकि वाहन में कोई विधायक मौजूद नहीं था। इसके अलावा कार के शीशों पर नियमों के विरुद्ध गहरी काली फिल्म भी चढ़ी हुई थी। पूछताछ के दौरान चालक सीट पर बैठे युवक ने स्वयं को विधायक का पुत्र बताते हुए प्रभाव दिखाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बिना किसी दबाव में आए नियमों के अनुसार कार्रवाई की।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि विधायक का बोर्ड केवल अधिकृत परिस्थितियों में ही उपयोग किया जा सकता है। निजी यात्रा में इस प्रकार बोर्ड लगाना और वाहन में काली फिल्म का प्रयोग करना मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही विधायक का बोर्ड हटवाया, काली फिल्म उतरवाई और मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की।
चमोली पुलिस की इस कार्रवाई की चारधाम यात्रा मार्ग पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, चाहे आम नागरिक हो या किसी जनप्रतिनिधि का परिजन।
संदेश साफ है—चारधाम यात्रा मार्ग पर “पापा विधायक हैं” नहीं, सिर्फ कानून चलेगा।

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